Neha Kakkar Candy Shop Song: बॉलीवुड की ‘हिट मशीन’ कही जाने वाली सिंगर नेहा कक्कड़ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं, लेकिन इस दफा वजह कोई रोमांटिक चार्टबस्टर नहीं बल्कि उनका हालिया रिलीज ट्रैक ‘Candy Shop’ है।
दिसंबर 2025 में रिलीज हुए इस गाने ने इंटरनेट पर एक ऐसी बहस छेड़ दी है जिसने पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को दो गुटों में बांट दिया है। विवाद तब और गहरा गया जब पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने इस गाने की सामग्री और नेहा कक्कड़ की पेशेवर भूमिका पर कड़े सवाल खड़े कर दिए। देखते ही देखते यह मामला व्यक्तिगत आलोचना से ऊपर उठकर सांस्कृतिक गरिमा और कलाकारों की जिम्मेदारी पर जा टिका है।
क्यों निशाने पर आईं नेहा कक्कड़?
जैसे ही ‘Candy Shop’ का वीडियो यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आया, वैसे ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे “अति-बोल्ड” और “बेसिर-पैर के बोल” वाला गाना करार देना शुरू कर दिया। म्यूजिक लवर्स का एक बड़ा वर्ग इस बात से नाराज दिखा कि गाने में संगीत से ज्यादा एक्सपोजर और के-पॉप (K-Pop) की नकल करने की कोशिश की गई है।
विवाद की चिंगारी तब भड़की जब ‘मूवी रिव्यू’ नामक एक सोशल मीडिया हैंडल ने नेहा पर तंज कसते हुए पोस्ट किया कि जब किसी कलाकार की मौलिकता खत्म होने लगती है, तो वह विवादास्पद कंटेंट और अजीबोगरीब हुक स्टेप्स का सहारा लेता है। इस पोस्ट को मालिनी अवस्थी ने न सिर्फ साझा किया बल्कि अपनी तीखी टिप्पणी से सबको चौंका दिया।
इंडियन आइडल और जज की भूमिका पर उठे सवाल
मालिनी अवस्थी ने नेहा कक्कड़ के इस नए अवतार की आलोचना करते हुए सीधे ब्रॉडकास्टर Sony TV को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने अपने ट्वीट में सवाल उठाया कि “आखिर किस आधार पर नेहा कक्कड़ पिछले कई सालों से ‘इंडियन आइडल’ जैसे प्रतिष्ठित रियलिटी शो की जज बनी हुई हैं?”
मालिनी अवस्थी का तर्क है कि जिस मंच से देश के नए टैलेंट और बच्चों को संगीत की शिक्षा दी जाती है, वहां बैठने वाला जज एक ‘रोल मॉडल’ होता है। उनके अनुसार, अगर जज खुद इस तरह के फूहड़ या सांस्कृतिक मूल्यों से दूर रहने वाले कंटेंट को प्रमोट करेगा, तो आने वाली पीढ़ी पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? यह बयान इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गया।
फैंस और आलोचक आमने-सामने
नेहा कक्कड़ के इस नए गाने पर जनता की राय पूरी तरह बंटी हुई नजर आ रही है। जहां एक तरफ नेहा के वफादार फैंस इसे उनकी ‘क्रिएटिव फ्रीडम’ और ग्लोबल म्यूजिक ट्रेंड के साथ चलने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेटिजन्स का गुस्सा फूट रहा है।
- आलोचकों का तर्क: “कला के नाम पर पश्चिमी संस्कृति की सस्ती नकल परोसी जा रही है।”
- फैंस का बचाव: “नेहा एक वर्सटाइल आर्टिस्ट हैं और उन्हें हर तरह के जॉनर में हाथ आजमाने का पूरा हक है।”
हैरानी की बात यह है कि इतनी भारी आलोचना के बावजूद गाने की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। रिलीज के चंद दिनों के भीतर ही इसे लाखों व्यूज मिल चुके हैं, जो साबित करता है कि नेहा की स्टार पावर आज भी बरकरार है।
क्या है विवाद की मुख्य जड़
इस पूरे विवाद की जड़ दरअसल वह बदलाव है जो नेहा कक्कड़ की इमेज में आया है। जो सिंगर कभी जगरातों और सादगी भरे गीतों से पहचान बना चुकी थीं, उनका अचानक से इतना बोल्ड ट्रांसफॉर्मेशन कई लोगों को हजम नहीं हो रहा है।
मालिनी अवस्थी जैसी शास्त्रीय और लोक संगीत की पैरोकार कलाकार इसे भारतीय लोक परंपराओं और संगीत की रूह के साथ खिलवाड़ मानती हैं। फिलहाल नेहा कक्कड़ की तरफ से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन ‘Candy Shop’ ने साल के अंत में बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में एक बड़ा भूचाल जरूर ला दिया है।







