MP Board Free Laptop Yojana: मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी क्रांति लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बार फिर अपनी सबसे लोकप्रिय योजना का बिगुल फूंक दिया है। डिजिटल इंडिया के इस युग में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लैपटॉप अब विलासिता नहीं बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन गया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए MP Laptop Supply Scheme 2025 के तहत प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन पहल के अंतर्गत संचालित यह योजना उन छात्रों के सपनों को पंख दे रही है
मध्य प्रदेश लैपटॉप प्रदाय योजना का मुख्य विजन
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य प्रदेश के मेधावी छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणालियों से जोड़ना है। जब एक छात्र 12वीं की दहलीज पार कर कॉलेज में कदम रखता है, तो उसे ऑनलाइन रिसर्च, कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और विभिन्न ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स की जरूरत होती है।
योजना के अंतर्गत मिलने वाला लाभ और डीबीटी (DBT) भुगतान प्रणाली
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा पात्र पाए गए प्रत्येक छात्र को लैपटॉप खरीदने के लिए एकमुश्त ₹25,000 की राशि प्रदान की जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि सरकार इस राशि को सीधे छात्र के बैंक खाते में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भेजती है।
इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाती है और छात्र अपनी पसंद के फीचर्स वाला लैपटॉप स्वयं चुन सकता है। ध्यान रहे कि यह एक प्रोत्साहन राशि है, जिसे छात्र को वापस नहीं लौटाना होता।
MP Laptop Yojana 2025 पात्रता मानदंड
योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कुछ कड़े लेकिन निष्पक्ष नियम निर्धारित किए हैं:
- निवासी: आवेदक छात्र अनिवार्य रूप से मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- अंकों का प्रतिशत: छात्र ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में कम से कम 80% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों। (नोट: पूर्व में यह सीमा आरक्षित वर्ग के लिए कम थी, लेकिन वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे 80% के मानक पर देखा जा रहा है)।
- स्कूल का प्रकार: छात्र ने मध्य प्रदेश के किसी भी शासकीय (Government) या शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल से नियमित छात्र के रूप में पढ़ाई की हो।
- बैंक खाता: छात्र का स्वयं का बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और वह आधार कार्ड से लिंक (Aadhaar Seeded) होना अनिवार्य है।
आवेदन और चयन प्रक्रिया
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि छात्रों को इसके लिए किसी अलग सरकारी दफ्तर में जाकर फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती। चयन की पूरी प्रक्रिया स्वचालित और स्कूल स्तर पर आधारित है:
- डेटा संकलन: रिजल्ट घोषित होने के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग ऑटोमैटिक रूप से 80% से अधिक अंक पाने वाले छात्रों का डेटा पोर्टल से निकाल लेता है।
- सत्यापन (Verification): संबंधित स्कूल के प्राचार्य और कक्षा अध्यापक छात्रों के बैंक विवरण और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करते हैं।
- सूची का प्रकाशन: सत्यापित सूची जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से राज्य मुख्यालय भेजी जाती है।
- राशि का हस्तांतरण: मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम या जिला स्तरीय कार्यक्रमों के बाद राशि सीधे खातों में क्रेडिट कर दी जाती है।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
यद्यपि प्रक्रिया स्कूल स्तर पर होती है, फिर भी छात्रों को निम्नलिखित दस्तावेजों की डिजिटल और फिजिकल कॉपी अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए:
- आधार कार्ड (अपडेटेड मोबाइल नंबर के साथ)।
- 12वीं कक्षा की मूल अंकसूची (Marksheet)।
- मध्य प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।
- बैंक पासबुक (जिसमें IFSC कोड और खाता संख्या स्पष्ट हो)।
- समग्र आईडी (Samagra ID)।
यह योजना मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए करियर की नई राहें खोलने वाली साबित हो रही है। यदि आप भी 2025 की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो 80% से अधिक का लक्ष्य रखें और इस सरकारी सहायता का लाभ उठाकर अपने भविष्य को डिजिटल रूप से सुरक्षित करें।










