PMKVY: आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री रोजगार की गारंटी नहीं देती। वर्तमान समय में वही युवा सफल है जिसके पास इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार सही हुनर या ‘स्किल’ है। इसी विजन को साकार करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) एक नई ऊर्जा के साथ काम कर रही है।
इस योजना का शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग (STT) प्रोग्राम उन युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं या डिग्री होने के बावजूद बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) प्रदान करना है, ताकि वे न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी सम्मानजनक नौकरी पा सकें।
PMKVY शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग का मुख्य ढांचा
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत दी जाने वाली शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग पूरी तरह से नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) पर आधारित है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहाँ से प्राप्त सर्टिफिकेट की वैल्यू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होती है।
देशभर में फैले मान्यता प्राप्त स्किल इंडिया सेंटर्स पर यह ट्रेनिंग दी जाती है। यह प्रोग्राम उन लोगों के लिए भी बेहद कारगर है जो पहले से किसी क्षेत्र में काम कर रहे हैं लेकिन आधुनिक तकनीक के साथ अपनी स्किल्स को ‘अपग्रेड’ करना चाहते हैं। यहाँ 150 से अधिक जॉब रोल्स में प्रशिक्षण उपलब्ध है, जिसमें आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल, कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नहीं, व्यक्तित्व विकास पर भी जोर
PMKVY की ट्रेनिंग की सबसे खास बात यह है कि यहाँ केवल मशीनों या सॉफ्टवेयर पर काम करना नहीं सिखाया जाता। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु इसमें कई महत्वपूर्ण मॉड्यूल जोड़े गए हैं:
- सॉफ्ट स्किल्स और कम्युनिकेशन: इंटरव्यू कैसे दें और कार्यस्थल पर बातचीत का तरीका क्या हो।
- डिजिटल और फाइनेंशियल लिटरेसी: कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान और बैंकिंग व ऑनलाइन लेनदेन की समझ।
- एंटरप्रेन्योरशिप: यदि कोई युवा खुद का छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो उसे सरकार द्वारा बिज़नेस मैनेजमेंट की बारीकियां भी सिखाई जाती हैं।
- विदेशी भाषा: कुछ विशेष कोर्सेज में जापानी, जर्मन या अंग्रेजी जैसी भाषाओं का ब्रिज कोर्स भी कराया जाता है ताकि युवा ग्लोबल मार्केट के लिए तैयार हो सकें।
ट्रेनिंग की अवधि, स्टाइपेंड और मिलने वाली अन्य सुविधाएं
जॉब रोल के आधार पर ट्रेनिंग की अवधि 200 घंटे से लेकर 600 घंटे तक हो सकती है, जो सामान्यतः 2 से 5 महीने के बीच पूरी हो जाती है। PMKVY 4.0 के अंतर्गत सरकार अब हाई-टेक और हाई-सैलरी वाले कोर्सेज (AI, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी) पर अधिक फोकस कर रही है। प्रशिक्षण के दौरान और बाद में उम्मीदवारों को कई लाभ मिलते हैं:
- मुफ्त प्रमाणन: परीक्षा पास करने के बाद सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिया जाता है।
- बीमा सुरक्षा: ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ मिलता है।
- आर्थिक सहायता: दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले उम्मीदवारों को यात्रा भत्ता (Conveyance Allowance) और रहने-खाने में सहयोग दिया जाता है।
- प्लेसमेंट सपोर्ट: कोर्स पूरा होने के बाद रोजगार मेलों के जरिए प्राइवेट कंपनियों में नौकरी दिलाने में मदद की जाती है।
पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया: कौन ले सकता है प्रवेश?
यदि आप इस योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपकी आयु 15 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक का भारतीय नागरिक होना और उसके पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
साथ ही, आपका बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए ताकि मिलने वाला इंसेंटिव सीधे आपके खाते में आए। एक महत्वपूर्ण नियम यह है कि ट्रेनिंग के दौरान आपकी उपस्थिति (Attendance) कम से कम 70% होनी चाहिए, अन्यथा आपको परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आवेदन करने के लिए आप Skill India Digital पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या अपने नजदीकी ‘प्रधानमंत्री कौशल केंद्र’ पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।










