भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। Stand-Up India Scheme एक ऐसी महत्वाकांक्षी पहल है,
जिसे विशेष रूप से समाज के उन वर्गों को सशक्त बनाने के लिए डिजाइन किया गया है जो अक्सर वित्तीय संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के अंतर्गत संचालित यह योजना अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और किसी भी वर्ग की महिला उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है।
इस योजना का मूल मंत्र ‘जॉब सीकर’ (Job Seeker) के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ (Job Creator) बनना है। यदि आप भी एक नया स्टार्टअप या बिज़नेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह सरकारी योजना आपकी आर्थिक बाधाओं को दूर कर सकती है।
स्टैंड-अप इंडिया योजना का स्वरूप
इस योजना की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि यह केवल ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स (Greenfield Projects) के लिए ऋण प्रदान करती है। इसका सीधा मतलब है कि यह पैसा नया उद्यम शुरू करने के लिए दिया जाता है, न कि पहले से चल रहे बिज़नेस के विस्तार के लिए। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, ट्रेडिंग या कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियों में निवेश किया जा सकता है।
स्टैंड-अप इंडिया के अंतर्गत सरकार ने हर बैंक शाखा (Bank Branch) के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे कम से कम एक SC/ST उद्यमी और कम से कम एक महिला उद्यमी को ऋण प्रदान करें। इस योजना में ₹10 लाख से लेकर ₹100 लाख (₹1 करोड़) तक का कंपोजिट लोन दिया जाता है, जिसमें ‘टर्म लोन’ और ‘वर्किंग कैपिटल’ दोनों का मेल होता है।
योजना के बेमिसाल लाभ
स्टैंड-अप इंडिया केवल एक लोन स्कीम नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण ‘इकोसिस्टम’ है। इसमें ऋण के अलावा कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं:
- लोन सुविधा: न्यूनतम ₹10 लाख और अधिकतम ₹1 करोड़ तक का बड़ा ऋण।
- RuPay डेबिट कार्ड: वर्किंग कैपिटल के आसान आहरण (Withdrawal) के लिए लाभार्थियों को RuPay डेबिट कार्ड जारी किया जाता है।
- मेंटरशिप और सपोर्ट: SIDBI के माध्यम से संचालित पोर्टल (standupmitra.in) उद्यमियों को हैंडहोल्डिंग सपोर्ट प्रदान करता है।
- स्किल डेवलपमेंट: बिज़नेस चलाने के लिए आवश्यक ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में मदद और मार्केटिंग का मार्गदर्शन भी दिया जाता है।
- पुनर्भुगतान की अवधि: यह लोन चुकाने के लिए 7 वर्ष तक का समय मिलता है, जिसमें 18 महीने तक की मोरेटोरियम अवधि (Moratorium Period) भी शामिल हो सकती है।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria): कौन उठा सकता है इस योजना का फायदा?
लोन आवेदन से पहले इन शर्तों को ध्यान से समझना आवश्यक है:
- उम्र: आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- श्रेणी: आवेदक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या किसी भी समुदाय की महिला उद्यमी होनी चाहिए।
- स्वामित्व: यदि बिज़नेस व्यक्तिगत नहीं है (जैसे कंपनी या पार्टनरशिप), तो उसमें कम से कम 51% हिस्सेदारी SC/ST या महिला उद्यमी की होनी अनिवार्य है।
- डिफॉल्टर न हों: आवेदक ने पहले किसी बैंक या वित्तीय संस्थान का ऋण न डुबाया हो (CIBIL स्कोर अच्छा होना चाहिए)।
आवेदन करने का सही तरीका: ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन बैंक विजिट
स्टैंड-अप इंडिया योजना में आवेदन करना बेहद पारदर्शी है। आप तीन तरीकों से अपनी फाइल आगे बढ़ा सकते हैं:
- ऑनलाइन आवेदन: सीधे आधिकारिक पोर्टल standupmitra.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। यहाँ आपको अपनी कैटेगरी, बिज़नेस टाइप और लोन की जरूरत बतानी होगी।
- बैंक शाखा: आप अपनी निकटतम कॉमर्शियल बैंक शाखा में जाकर सीधे मैनेजर से बात कर सकते हैं।
- LDM के जरिए: ज़िले के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) के माध्यम से भी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
महत्वपूर्ण दस्तावेजों की चेकलिस्ट: आवेदन के लिए इन्हें रखें तैयार
सफल आवेदन के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:
- KYC दस्तावेज: आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
- जाति प्रमाण पत्र: SC/ST वर्ग के आवेदकों के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट।
- बिज़नेस प्रूफ: व्यापारिक पते का प्रमाण और कंपनी के निगमन (Incorporation) दस्तावेज।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट: प्रस्तावित बिज़नेस का विस्तृत ब्यौरा और अनुमानित लाभ-हानि का विवरण (Projected Balance Sheet)।
- बैंक स्टेटमेंट: पिछले 6 महीने से 1 साल का बैंक विवरण।
यह योजना उन महिलाओं और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है जो स्वरोजगार के माध्यम से देश की जीडीपी में योगदान देना चाहते हैं।










